कुछ तो है तुझसे राबता


Even though I have some nasty things to say about Bollywood movies, actors, stories and acting department, Lyrics , Music and Singing seem to be three department where we Indians are second to none. (Yours truly has not experience or training in these subjects).

Here is a song from the otherwise pathetic movie Agent Vinod.  The third stanza which is sung by Arijit is especially good.

फैली थी स्याह रातें आया तू सुबह ले के
बेवजह सी ज़िंदगी में जीने की वज़ह ले के
खोया था समंदरों में, तनहा सफीना मेरा
साहिलों पे आया है तू जाने किस तरह ले के
कुछ तो है तुझसे राबता कुछ तो है तुझसे राबता
कैसे हम जानें, हमें क्या पता
कुछ तो है तुझसे राबता
तू हमसफ़र है, फिर क्या फिकर है

अब क्या है कहना ,हमको है रहना
जन्नतें भुला के तेरी बाहों में पनाह ले के
फैली थी स्याह रातें आया तू सुबह ले के

मेहरबानी जाते जाते मुझपे कर गया
गुज़रता सा लमहा एक दामन भर गया
तेरे नज़ारा मिला, रोशन सितारा मिला
तकदीर की कश्तियों को किनारा मिला

रूठी हुई ख़्वाहिशों से, थोडी सी सुलह ले के
आया तू ख़ामोशियों में बातों की जिरह ले के
खोया था समंदरों में, तनहा सफीना मेरा
साहिलों पे आया है तू जाने किस तरह ले के
फैली थी स्याह रातें ....
https://www.youtube.com/watch?v=cksBtencdz4

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s